21 अक्टूबर 2012 - 20:30

क़ुद्स के पर जबरन क़बज़ा करने वाले अत्याचारी ज़ायोनी शासन के खिलाफ यूं तो आए दिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ उठती रहती है लेकिन इस बार खुद अमेरिका से ग़ासिब और अत्याचारी ज़ायोनी शासन के खिलाफ आवाज बुलंद गई जिसके कारण इस्राइली अधिकारियों की नींद उड़ गई है.........

क़ुद्स के पर जबरन क़बज़ा करने वाले अत्याचारी ज़ायोनी शासन के खिलाफ यूं तो आए दिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ उठती रहती है लेकिन इस बार खुद अमेरिका से ग़ासिब और अत्याचारी ज़ायोनी शासन के खिलाफ आवाज बुलंद गई जिसके कारण इस्राइली अधिकारियों की नींद उड़ गई है। वाशिंगटन से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के 15 चर्चों के नेताओं ने अमेरिकन कांग्रेस को पत्र लिखकर मांग की है कि इस्राइल को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा की जाए क्योंकि इस्राइल मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल है। अमेरिकी कांग्रेस को संयुक्त पत्र लिखने वाले ईसाई नेताओं के अनुसार इस्राइल फ़िलिस्तीन में नागरिकों के नरसंहार, उनके घरों की तबाही सहित अन्य तरीक़ों से मानवाधिकार हनन कर रहा है। अमेरिकी कांग्रेस इस्राइल के खिलाफ जांच करे और सैन्य सहायता देते हुए इस्रायल से अन्य देशों जैसा ही व्यवहार करे. ऐसे किसी देश को सहायता नहीं दी जानी चाहिए जो लगातार मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।............166